दुनिया के 3 सबसे खतरनाक आईलैंड। जहाँ जाना मतलब मौत…

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आईलैंड एक ऐसी जगह जहां जाना हर इंसान की इच्छा होती है और उन्हें वहां जाना बहुत अच्छा लगता है । आईलैंड का नाम सुनकर ही लोगों के चेहरे मुस्कुराहट से खिल जाते हैं। वहां मिलने वाली प्राकृतिक नजारे और खूबसूरत वादियां लोगों को लुभाती है। हर साल लोग किसी ना किसी आईलैंड पर अपनी छुट्टियां मनाने के लिए जाते हैं मगर आज हम आपके सामने 3 ऐसे आईलैंड के बारे में बताने जा रहा हूं जिनका नाम सुनते ही घूमने वाले लोगों के सर से पसीने निकल आते हैं। यहां तक कि सरकारें भी वहां जाने से कतराती है और उस आईलैंड पर लोगों के जाने पर हमेशा-हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।

नार्थ सेंटिनल द्वीप (North Sentinel Island) :-

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भारत का एक ऐसा द्वीप जहां लोगों का जाना सख्त मना है। हम सिर्फ भारत में रह रहे लोगों की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि देश हो या विदेश किसी भी व्यक्ति का उस द्वीप पर जाना सख्त मना है। भारत सरकार के द्वारा कई सारे प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह प्रतिबंध भारत सरकार ने लोगों की सुरक्षा के लिए लगाएं है मगर कई ऐसे भी लोग है जो इस प्रतिबंध का उल्लंघन कर देते हैं और उस द्वीप पर चले जाते हैं। यह उनकी आखरी गलती होती है क्योंकि वहां जाने का मतलब है मौत।

हम बात कर रहे हैं नार्थ सेंटिनल द्वीप (North Sentinel Island) की यह द्वीप 23 वर्ग मील में फैला हुआ है। यह द्वीप अंडमान निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर (Port Blair) से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर है।

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हर साल देश-विदेश से लोग अंडमान निकोबार की खूबसूरती और वहां के प्राकृतिक नजारे को देखने और जीने के लिए आते हैं लेकिन महज उनसे 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खतरनाक और जानलेवा नार्थ सेंटिनल द्वीप (North Sentinel Island) है और यह द्वीप इतना खतरनाक है कि जो लोग इस द्वीप पर गलती या भूले भटके से चले जाते हैं दोबारा कभी लौट कर वापस नहीं आ पाते। इस द्वीप पे लोगों के बढ़ते मौत की घटनाएं को देखते हुए भारत सरकार ने इस द्वीप पर लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आखिर नार्थ सेंटिनल द्वीप (North Sentinel Island) पर ऐसा है क्या जिसकी वजह से भारत सरकार भी वहां जाने से डरती है ???

जब 1 November 1956 को आधिकारिक तौर पर भारत सरकार के अधीन अंडमान निकोबार द्वीप की बागडोर आई तब भारत सरकार ने नार्थ सेंटिनल द्वीप पर अपनी एक सर्च टीम को भेजा मगर वहां रह रहे 60,000 साल पुराने जंगली आदिवासीयो की प्रजाति ने सर्च टीम को देखते ही अपने तीरो और भालो से बहुत ही बेरहमी से मार डाला। जब मछुआरों की नाव मछली पकड़ने के दौरान गलती से उस द्वीप के समक्ष गया तो वे जंगली आदिवासीयो ने मछुआरों को भी जिंदा नहीं छोड़ा उनको भी अपने हथियारों से मार डाला।

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दिन पर दिन मौत की घटना बढ़ने के कारण भारत सरकार के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था। भारत सरकार ने नार्थ सेंटिनल द्वीप को रेड जोन घोषित कर दिया और वहां किसी के भी आने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया।

नार्थ सेंटिनल द्वीप एक बार फिर से 17 नवंबर 2018 को चर्चा में आया। जब एक 27 वर्षीय अमेरिकन टूरिस्ट जॉन एलन चाऊ (John Allen Chau) अंडमान निकोबार घूमने के लिए गए हुए थे। जब उन्हें 60,000 साल पुराने जंगली आदिवासियों के बारे में पता चला तो उन्होंने उन्हें देखने की इच्छा जताई मगर भारत सरकार की ओर से सख्त से सख्त प्रतिबंध था की नार्थ सेंटिनल द्वीप के आसपास भी कोई नहीं जाएगा।

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मगर जॉन एलन चाऊ ने सरकार द्वारा लगाए प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए वहां के दो लोकल मछुआरों को पकड़ा और उन्हें 25000 रुपए देखकर रात के अंधेरे में वह नार्थ सेंटिनल द्वीप के लिए निकल पड़ा। मछुआरों को उस द्वीप के बारे में पहले से जानकारी थी कि वह द्वीप कितना खतरनाक है इसलिए उन्होंने जॉन एलन चाऊ को उस द्वीप में उतार कर द्वीप से कुछ दूरी पर जाके उसके वापस आने का इंतजार करने लगे। रात से सुबह हो गई मछुआरों की नजर अभी भी उस द्वीप की और थी तभी अचानक उन्हें 5-6 जंगली आदिवासी दिखे उनके हाथों में तीर और भाले थे।

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वे लोग जॉन एलन चाऊ की बॉडी जमीन से घसीटते हुए द्वीप के तट तक ले कर आए उसके बाद उससे एक खड्डा में डाल कर उसके बॉडी को रेत से ढक दिया। यह सब देख मछुआरे तुरंत वापस की और नाव लेकर भागे। एक गलती और जॉन एलन चाऊ ने अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठा इसलिए कहते हैं सरकार के प्रतिबंधों का हमेशा सम्मान करना चाहिए।

सांपों का द्वीप (Snake Island) :-

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यह द्वीप ब्राजील के साओ पाउलो राज्य (State of São Paulo) के तट से करीब 33 किलोमीटर दूर पर स्थित है।

इस द्वीप को ब्राजील के लोग “इल्हा दा क्यूइमाडा ग्रांडे (Ilha da Queimada Grande)” के नाम से जानते हैं मगर विश्व में यह ” सांपों का द्वीप (snake island)” के नाम से प्रचलित है। यह नाम इस द्वीप को देखकर रखा गया है। भारत के कुल सांपों की प्रजाति की जनसंख्या से करीब 4 गुना अधिक सांप की प्रजाति इस द्वीप पर पाए जाते हैं।

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यह द्वीप वैसे तो क्षेत्रफल में बहुत छोटा है इसका क्षेत्रफल मात्र 43 वर्ग हेक्टेयर है और इसकी ऊंचाई 676ft है। वैसे तो अटलांटिक महासागर में बहुत सारे द्वीप स्थित है मगर इस द्वीप की डराने वाली खासियत यह है की इस द्वीप पर आपको इतने सारे सांप देखने को मिलेगा जिसकी कल्पना आपने कभी भी नहीं की होगी। आपको हर 1 वर्ग मीटर में करीब 5 सांप आपस में लिपटे हुए नजर आएंगे।

 इस द्वीप को लेकर यह भी कहा जाता है की इस द्वीप पर ब्राजील के सरकार का राज नहीं बल्कि सांपों का राज चलता है। इसका एकमात्र कारण है यहां पाए जाने वाले बहुत जहरीले सांप जिनमें से गोल्डन लांसहेड,रसेल वाइपर,काला माम्बा सांप प्रसिद्ध है।

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यह सांप अगर किसी को काट ले तो जिस हिस्से पर सांप ने काटा है वह हिस्सा गल जाता है और उस इंसान की मृत्यु कुछ ही मिनटों बाद ही हो जाती है। इस द्वीप पर होने वाली कुछ घटनाएं बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। जब एक परिवार के 5 लोग नए साल पर पिकनिक मनाने के लिए इस द्वीप पर आए थे। एक-एक करके सांपों के द्वारा काटे जाने पर उनकी मृत्यु हो गई और उन सभी की लाशें स्नेक आइलैंड (snake island) के तट पर मिली। गोल्डन लांसहेड सांप के जहर की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 18 लाख रुपए की है बहुत सारे लोग पैसों की लालच में इस द्वीप पर आ जाते हैं और फिर जिंदा बचकर यहां से जा नहीं पाते।

स्नेक आइलैंड (snake island) पर ऐसी बहुत सारी घटना हो चुकी है जिसकी वजह से ब्राजील सरकार ने यहां पर लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

डॉल आईलैंड मेक्सिको (Doll Island mexico) :-

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दुनिया का एकमात्र द्वीप जहां सिर्फ गुड़ियाए पाई जाती है। हम बात कर रहे हैं मेक्सिको के “डॉल आईलैंड (Doll Island)” की यह द्वीप मेक्सिको सिटी से करीब 17 मील दूर है। मेक्सिको के लोग इस द्वीप को “ला इस्ला डे ला म्यूनेकस (La Isla de la Munecas)” के नाम से जानते हैं मगर दुनिया में इसकी पहचान एक खतरनाक भूतिया आईलैंड के तौर पर भी की जाती है। इसका कारण है इसका गुजरा हुआ इतिहास। यह आइलैंड लोगों की नजर में तब आया जब मेक्सिको की सरकार ने 1990 को “ज़ोचिमिल्को नहर (Xochimilco canals)” साफ करने का काम कुछ कर्मचारियों को दिया। जब वह लोग सफाई करने के लिए इस आईलैंड पर गए चारों और गुड़ियाओं को देख उनके होश उड़ गए क्योंकि यह गुड़िया आम गुड़ियाओ जैसी नहीं थी।

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एक से बढ़कर एक खतरनाक दिखने वाली गुड़ियाए पेड़ पर,जमीनों पर हर जगह लटकी हुई थी और उनकी आंखें मानो जैसे सफाई कर रहे कर्मचारियों को ही देख रही हो। जब सफाई कर रहे कर्मचारी वहां बने एक लकड़ी के घर के अंदर गए वहां एक व्यक्ति की तस्वीर लटकी हुई थी।

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जैसे-तैसे अपना काम करके शाम ढलने से पहले कर्मचारी उस आईलैंड से निकल गए और यह घटना की खबर जब सरकार के पास गई तो कुछ टीम को उसके बारे में पता करने के लिए भेजा।

उस आइलैंड पर आखिर इतनी सारी गुड़िया कहां से आई ??

मेक्सिको की सरकार के द्वारा छानबीन में यह पाया गया “डॉन जूलियन” नाम का एक व्यक्ति अपने जीवन से काफी ज्यादा परेशान था। वह अपना सारा कुछ छोड़ कर इस आईलैंड पर अकेले जीवन बिताने के लिए चला गया। एक रोज उसे द्वीप के समक्ष नहरों में एक बच्ची की लाश तैरती हुई नजर आई। वह उससे उठाकर अपने साथ ले गया और उसे अपनी बनाई हुई लकड़ी के घर के समीप गड्ढे में दफना दिया मगर कुछ दिनों बाद से डॉन जूलियन को रात के वक्त उस बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देने लगी। यह घटना उसके साथ रोज रात के वक्त घटने लगी। एक रोज सुबह उसी नहर में डॉन जूलियन को ठीक उसी बच्ची की लाश के जगह पर एक गुड़िया तैरती हुई नजर आई।

वह उसे उठाकर ठीक वहीं पर एक पेड़ पर लटका देता है जहां पर उसने उस बच्ची के डेड बॉडी को दफनाया था। तब से उसे रात के वक्त बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देना बंद हो गई। उस दिन के बाद से जब भी डॉन जूलियन को नहरों से कोई भी गुड़िया मिलती वह उससे पेड़ों पर लटका देता था। तब से लेकर आज तक इस आईलैंड पर हजारों गुड़ियाए पेड़ों पर टंगी हुई है।

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साल 2001 में मेक्सिको की सरकार ने एक-एक करके डॉल आईलैंड के पेड़ों से गुड़ियाए उतारना शुरू कर दिया शायद यह उनकी सबसे बड़ी भूल थी। गुड़ियाए की मात्रा अत्यधिक होने की वजह से उतारते-उतारते रात हो गई। गुड़ियाए उतार रहे कर्मचारियों को अब बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देने लगी और अजीब-अजीब सी चीजें कर्मचारियों को रात के अंधेरे में दिखने लगी। सारे कर्मचारी इतने ज्यादा डर चुके थे कि वह उतारी हुई गुड़ियाए वही छोड़कर वापस भाग गए। तब से लेकर आज तक गुड़ियाए उतारने की गलती दोबारा कभी नहीं की गई। वैसे तो दिन के वक्त कई सारे सैलानी इस आईलैंड पर घूमने के लिए आते हैं लेकिन रात होने से पहले ही वापस घर की ओर लौट जाते हैं। ऐसा कहा जाता है जितना यह आईलैंड दिन के वक्त शांत रहता है रात होने के बाद यह उतना ही खतरनाक और भूतिया हो जाता है। इसी वजह से मेक्सिको के सरकार ने रात के वक्त इस आईलैंड पर जाने से प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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